Dr Vijayant Govinda Gupta - Best Urologist and Andrologist in India

Article in Hamara Ghaziabad Newspaper on Kidney Stones

NEWSPAPER ARTICLE IN GHAZIABAD AND EAST DELHI ON KIDNEY STONES (IN HINDI)

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HERE IS THE FULL TRANSCRIPT OF THE ARTICLE IN HINDI

गाज़ियाबाद जैसे बड़े शहर में आज तमाम ऐसे लोग हैं जो गुर्दे से जुड़ी तकलीफों को झेल रहे हैं। आज के खानपान, दिनचर्या और वातावरण की वजह से लोगों में ऐसी शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। ’हमारा ग़ाज़ियाबाद’ की कोशिश है कि वह अपने सम्मानित पाठकों का अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी जानकारी मुहैया कराए। शहर में कई गुर्दा और मूत्र विशेषज्ञ यानी यूरोलोजिस्ट अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।KIDNEY STONE TREATMENT IN HINDI IN GHAZIABAD EAST DELHI INDIRAPURAM AND VAISHALI ARTICLE IN NEWSPAPER

यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, कौशाम्बी में कार्यरत डॉक्टर विजयंत गोविंद गुप्ता शहर के जाने माने यूरोलोजिस्ट हैं। ‘हमारा गाज़ियाबाद के संपादक विशाल पंडित ने उनसे बातचीत कर पाठको की सामान्य समझ के हिसाब से यूरोलोजिकल (मूत्ररोग) रोगों के बारे में जानने की कोशिश की। पाठकों की स्वास्थ्य जागरूकता को ध्यान में रखते हुए पेश है उनसे हुई महत्वपूर्ण बातचीत के कुछ अंश।

 

गुर्दा क्या होता हैं एवं शरीर में इसकी क्या ज़रूरत हैं ?

डॉ विजयंत- गुर्दे मानव शरीर में स्थित अंग हैं जो खून में जमा विषैले प्रदार्थो को छानकर मूत्र बनाते हैं। हमारा शरीर हर समय जैविक प्रक्रियाओ द्वारा ऐसे विषैले प्रदार्थो का निर्माण करता हैं जैसे यूरिया एवं क्रिएटिनिन जिसका शरीर से निकले जाना अति ज़रूरी हैं। गुर्दे भगवन निर्मित वह अंग हैं जो एक छन्नी नुमा काम करती हैं और इन सभी प्रदार्थो को मूत्र में मिलाकर शरीर से निष्कासित करती हैं।

गुर्दे में पथरी बनने का मुख्य कारण क्या है?

डॉ विजयंत- वैसे तो गुर्दा हर समय बड़ी सफलता से गंदगी निकलता हैं, पर गुर्दे को पर्याप्त मात्रा में पानी चाहिए होता है। जिसमे वह इन पदार्थों को मिला सके। दिल्ली एवं गाज़ियाबाद गरम क्षेत्र हैं। ऐसे में गर्मी में पसीने से शरीर बहुत पानी खो देता हैं। ऐसी स्थिति में काम पानी पीने, से मूत्र बहुत गाढ़ा हो जाता हैं। पेशाब में ज्यादातर कैल्शियम एवं ऑक्सालेट नमक तत्त्व की मात्रा काम होती हैं, पर इतने गाढ़े पेशाब में यह दोनों तत्त्व आपस में मिलकर पथरी का निर्माण करते हैं, जो समय के साथ बड़ी होती जाती हैं।

गुर्दे में पथरी होने से शरीर पर क्या दुष्प्रभाव पड़ते हैं?

डॉ विजयंत-  हालांकि छोटी पथरी शरीर में कोई खास असर नहीं करती है पर अगर पथरी बड़ी हो जाए तो यह गुर्दे ख़राब कर सकती हैं। पथरी पेशाब के रास्ते को रोक कर गुर्दे में सूजन पैदा कर सकती हैं। जिसे हैड्रोनेफ्रोसिस (hydronephrosis ) बोलते हैं और इस कारण आदमी का गुर्दा पूर्णतया ख़राब भी हो सकता हैं। पथरी गुर्दे में पस या मवाद पैदा कर तीव्र बुखार पैदा कर सकती हैं। पथरी कुछ लोगो में कैंसर की जड़ बन सकती हैं। इसलिए पथरी का इलाज अत्यंत ज़रूरी हैं। कुछ मरीज़ों में पथरी से कोई लक्षण नहीं होते पर फिर भी इसका इलाज ज़रूरी हैं।

गुर्दे में पथरी के क्या लक्षण होते हैं?

डॉ विजयंत- गुर्दे में पथरी के लक्षण होते हैं – कमर में बार बार दर्द, पेशाब में जलन, पेशाब में खून आना, कमर के दर्द के साथ बुखार, पेशाब में पथरी या कंकड़ निकलना।
पर सावधान रहें, अधिकतर मरीज़ों मेंपथरी कोई भी लक्षण नहीं दिखाएगी, बल्कि किसी और कारण से की गई जाँच में पकड़ में आती है।

गुर्दे में पथरी के क्या क्या इलाज संभव हैं ?

डॉ विजयंत- गुर्दे के पथरी के कई तरीके के इलाज उपलब्ध हैं। हर व्यक्ति अलग होता है और कौन सा इलाज किस व्यक्ति में कामयाब सिद्ध होगा, यह एक मूत्र रोग विशेषज्ञ को तय करने दें। गलत इलाज आपके हेल्थ को हानि भी पहुंचाएगा।

दवाई से इलाज – कुछ दवाइया हैं जो पथरी को घोल देती हैं। पर यह अधिकतर बहुत छोटी पथरियों के लिए इस्तेमाल की जाती हैं।

ESWL (लिथोट्रिप्सी ) – इसमें, बिना बेहोशी बिना चीरे के, मशीन द्वारा शरीर के बहार से किरण मरकर पथरी को तोडा जाता हैं। यह इलाज 1 cm तक की पथरी के लिए कारगर हैं। बड़ी पथरी इस इलाज से नहीं टूटेगी।

PNL (लेज़र सर्जरी या पेरकतनेयस नेफरो लिथोटॉमी) – इस इलाज में आपकी कमर में एक छेद किया जाता है। जो की सिर्फ 5 mm का होता हैं एवं इस छिद्र द्वारा गुर्दे में एक दूरबीन डाली जाती है, जिससे पथरी को लेज़र द्वारा तोड़ कर चुरा निकल लिए जाता हैं। इस इलाज में आपको पूर्णता बेहोश किया जाता है, और दर्द मामूली होता है। यह आपरेशन बड़ी से बड़ी पथरी निकलने में कारगर हैं। इस आपरेशन ने ओपन या हाथ की सर्जरी को इतिहास की किताबो में निर्वासित कर दिया है।

RIRS (रेट्रो ग्रेड इंटर रीनल सर्जरी) – नवीनतम और सबसे आधुनिक तकनीक हैं RIRS जिसमे बिना चीरे बिना छेद, एक बहुत बारीक़ लचीली दूरबीन को आपके मूत्र सुराख़ के द्वारा आपके मूत्र मार्ग से होते हुए आपके गुर्दे तक ले जा कर आपकी पथरी को तोड़ दिया जाता हैं। इस सर्जरी में दर्द, न कोई चीरा एवं न कोई खून बहता हैं।

सर्जरी के बाद मुझे कितने दिन आराम की ज़रूरत हैं?

डॉ विजयंत- PNL को छोड़कर बाकी सभी सर्जरी में आप अगले दिन अपने काम पर लौट सकते हैं। PNL के बाद आपको कुछ दिन बिस्तर पर रेस्ट की ज़रूरत होगी।

मैं क्या परहेज करूँ की मुझे पथरी न बने?

डॉ विजयंत- कुछ मामूली परहेज करकर हम पथरी से छुटकारा पा सकते हैं

ठीक मात्रा में पानी लें – काम से काम दिन में 3 लीटर पानी पिएँ ताकि पेशाब एकदम सफ़ेद आए।
नमक का सेवन काम करें – अचार एवं तेज नमक न लें। दिन में दो टिया स्पून नमक बहुत है।
जंक फ़ूड से बचें – कोशिश करें कि जंक फ़ूड काम मात्रा में लें या छोड़ दें।
नियमित व्यायाम करें एवं वजन सीमित रखें।
संतुलित आहार लें – दूध एवं हरी सब्जियां सेहत के लिए अच्छी है, पर पथरी के रोगी इन्हें संतुलित मात्रा में लें।

अगर इसके अलावा आपके मन में यदि और भी प्रश्न हैं तो आप डॉ विजयंत को admin@drvijayantgovinda।com पर सीधे ईमेल कर सकते हैं. मुफ्त परामर्श के लिए, आप इनसे दूरभाष 9592999184 पर बात भी कर सकते हैं।

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